Wednesday, June 8, 2016

आये दिन

              आये दिन हम रोज ही समाचार पत्रों और टी वी चैनलों में स्त्रियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार- व्यभिचार की घटनायें पढ़ते और देखते रहते हैं। अपराधियों को सजा मिले - इसके लिए क़ानून बने हैं और बनते भी हैं , अपराधियों को  कोर्ट - कचहरी की लम्बी प्रक्रिया के  उपरांत सजा भी मिले हैं , बाबजूद इसके इन घटनाओं में कोई कमी नहीं दिखाई पड़ती  है। अच्छे  ओहदे पर आसीन और  समाज में में अच्छे और संभ्रांत कहे जाने वाले कुछ लोग भी इस कुकृत्य में संलिप्त पाये जाते हैं। आखिर क्यों ? प्रश्न सरल सरल है पर उत्तर नहीं।
              सही तो यह दीखता है कि इन घटनाओं के लिए अकेला पुरुष समाज ही दोषी नहीं है। आज आजादी और फैशन के नाम पर पहरावे में जो फूहड़पन पसरा है उस पर न परिवार की नजर है और न समाज की। आधुनिकता और हम किसी से कम नहीं के चोंचले ने स्त्रियों के दिलों - दिमाग पर ऐसा मकड़जाल बुन दिया है कि क्या अच्छा है और क्या नहीं -  इसका  विवेक खो गया है।
              स्त्रियों के प्राकृतिक रूप से बनी शारीरिक संरचना और कुछ सामाजिक भय और किंचित लोक - लाज के कारण
    

Wednesday, June 1, 2016

संक्षिप्त परिचय

          संक्षिप्त परिचय

नाम : -           विजय कुमार सिन्हा
उपनाम : -      " तरुण "
जन्म : -          10 जनवरी , 1947
वभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में कविता ,
कहानी एवं लेख प्रकाशित।  
 'कादम्बिनी ' , ' परिन्दे  ', ' हलन्त ', ' युगवाणी ' , ' बाल प्रहरी '' वागर्थ ' एवं अन्य पत्र - पत्रिकायें सम्मिलित।  
स्थानीय समाचार पत्र अमर उजाला के  " इम्पैक्ट "एवं " पेज - ३ " में लेख तथा कवितायें प्रकाशित।
सहयोगी प्रकाशन , जबलपुर  ( म . प्र  ) से प्रकाशित कई काव्य संग्रह  और पत्रिकाओं में कवितायें प्रकाशित।
सम्मान - ( 1 ) वर्ष 1989 , 1993 , 2001 तथा 200  में मण्डल रेल प्रबन्धक , उत्तर रेलवे , मुरादाबाद  द्वारा हिंदी लेखन एवं काव्य पाठ के लिए पुरस्कृत।
              ( 2 )  सांस्कृतिक साहित्य परिषद् , जबलपुर द्वारा
                       " काव्य भूषण " सम्मान
               ( 3 ) हिमालय पर्यावरण सोसाइटी , देहरादून द्वारा
                       " विशिष्ट सेवा सम्मान "
                ( 4 ) दीपशिखा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच ज्ञानोदय
                        अकादमी हरिद्वार  ,  द्वारा " माँ लक्ष्मी देवी दीपशिखा सम्मान-पत्र "
     
कार्य - अवकाश प्राप्त उप स्टेशनअधीक्षक ( वाo ) उo रे0 , देहरादून।
संप्रति - लेखन  ( कविता एवं कहानियां एवं समसामयिक लेख )
            " हिन्दी साहित्य समिति " देहरादून में स्थायी सदस्य