Wednesday, February 21, 2018

दो शब्द :-

 दो शब्द  :-
वर्ष 2018के 14 जनवरी को सम्मानीय शायर ज़नाब राशिद आरफ़ी जी के प्रयास और सहयोग से हरबर्टपुर
( देहरादून ) में  पछवादून  " साहित्यिक चौपाल " का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। यह साहित्यिक चौपाल विशेष कर वरिष्ठ साहित्यकारों जिनकी उम्र 65 वर्ष से ऊपर थी , के सम्मान में आयोजित किया गया था  जो वस्तुत:अपने आप में अनूठा था। ऐसा यह पहला अवसर ही है जिसमें वरिष्ठ  बुजुर्गवार साहित्यकारों को जो उम्र के कुछ पड़ाव पर अपने आप में अकेले पड़ने लगते हैं  , के  लिए  था। इस चौपाल की एक और विशिष्टता थी कि इसमें देहरादून और हिमाचल प्रदेश के ही लगभग पचास  - पचपन शायर , कवि और साहित्यकार  जुटे थे। यह महान सोच महान व्यक्ति का ही हो सकता है। यह ज़नाब राशिद जी की महानता ही है। मुझे भी इस चौपाल में उपस्थित होने का गौरव प्राप्त हुआ।मुझे कई विद्वान् कवियों और शायरों की उम्दा रचनाएं सुनने और उनसे मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। मैं श्री राशिद साहब जी से मिल कर उनकी सादगी और सरलता से अविभूत हुआ। कुल मिला कर कहा जाये तो यह एक अति सफल आयोजन था जिसकी सफलता का श्रेय श्री राशिद साहब तथा उनके सहयोगी और पछवादून के लोगों को जाता है।
                                                                        ------  विजय कुमार सिन्हा  " तरुण "
                                                                                  डी - 40 , रेस कोर्स , देहरादून  ( उत्तराखण्ड  )

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