8 अप्रैल 2020 को मैं सुबह में खिड़की से बाहर झाँक रहा था। तभी मैंने अपनी सोसायटी के बाहर एक सड़क के कुत्ते को देखा जिसके मुँह में एक प्लास्टिक का Jar बुरी तरह फंसा हुआ था। उसे कुछ दिनों से पानी भी नहीं नसीब हुआ था। वह इधर - उधर भाग रहा था। मैंने कोशिश करके उसका फोटो ले लिया और फिर अपने बेटे से कहकर इसे संबंधित संस्थाओं को भिजवा दिया। संस्था के लोग एवं सोसाइटी के लोग कल से आज तक उसे बचाने के प्रयास में लगे रहे और आज (9 अप्रैल 2020) अपने दो दिनों के प्रयास से उस पीड़ित कुत्ते को जाल में पकड़ कर उसके मुँह से वह Jar निकाल कर कुत्ते को पीड़ा से मुक्त कर दिया। यह सब हम (पत्नी, बेटा और बहू) अपने कमरे की खिड़की से देख रहे थे। हम सभी यह देख कर बाहत खुश हुए। हमने खिड़की से ही हाथ हिला कर उनका धन्यवाद किया। यहाँ दो फोटो, एक जिसमे कुत्ते के मुँह में Jar अटका है और दूसरा उसको रेस्क्यू करते समय का ह
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