आपके धारावाहिकी लेख से कई महत्पूर्ण जानकारियां प्राप्त हो रही हैं। आज से लगभग २५०० वर्ष पूर्व ( ईo पूo ५५० को जोड़ कर ) भी भौतिक विज्ञान , रसायन विज्ञान ,खगोल विज्ञान ,गणित ,चिकत्सा विज्ञान ,जीव विज्ञान आदि क्षेत्रों में बहुत उन्नति हुई। आज हमें लगता है ,हम हर क्षेत्र में पीछे हो रहे हैं। अवैज्ञानिकता को ही विज्ञान समझ रहे हैं। बड़े पिल्लनि ( २३ - ७९ ) जैसे व्यक्ति को देख कर ही लगता है यह लिखा गया होगा कि
पके आम बहुत मीठे होते हैं। धन्यवाद।
पके आम बहुत मीठे होते हैं। धन्यवाद।
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